दमदार अभिनय के बेताज बादशाह हैं केके मेनन

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फिल्म इंडस्ट्री के नायक नायिकाओं को हम बचपन से सराहते व उनको अपना आदर्श मानते आए हैं। भारत जैसे देश में फिल्म इंडस्ट्री का बुखार किस तरह सर चढ़कर बोलता है यह हम को बताने की जरूरत नहीं है। सिनेमा की चकाचौंध से भरी दुनिया में यूं तो बहुत से लाजवाब कलाकार हैं पर केके मेनन सर की अदाकारी की बात ही कुछ और है।

कलाकार आएंगे और चले जाएंगे लेकिन के के मेनन जी की जगह शायद ही कोई और ले सकता है। मुझे याद है की पहली बार इनकी एक्टिंग ‘बेबी’ फिल्म में देखी थी। एक आतंकवादी का किरदार कितनी शिद्दत से निभाया था इन्होंने। उनकी मात्र आंखों से इतना डर झलकता था कि दम साधे देखता जा रहा था कि ना जाने अगले सीन में क्या होने वाला है। वह फिल्म और उसमें उनकी अदाकारी हमेशा हमेशा के लिए मेरे दिल के एक कोने में समा गई थी।

इसके बाद से एक गूगल सर्च के द्वारा उनकी सभी फिल्मों की एक लिस्ट बनाई और एक-एक करके सभी फिल्में देख ली।आश्चर्य होता है कि कितने सारे अलग-अलग विषयों पर कितनी खूबसूरत फिल्मों में अभिनय किया उन्होंने।”The Stoneman Murders” में एक पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार, “Ankur Arora Murder Case” में एक भ्रष्ट डॉक्टर का किरदार,”Haider” फिल्म में रूहदार का किरदार आदि। हर किरदार में के के मेनन ऐसे फिट हो जाते हैं जैसे पानी किसी भी जगह खुद को समाने में सफल हो जाता है। यहां पर “Shaurya” फिल्म में उनके आर्मी ऑफिसर के किरदार का ज़िक्र अवश्य करना चाहिए।खास करके उनके आखिरी सीन का मोनोलॉग जिसमें वह गरजती आवाज़ के साथ अपना गुनाह कबूल करते हैं। वह दिखा देता है कि के के मेनन सर सिर्फ कोई एक्टर नहीं बल्कि अपने आप में एक चलता फिरता एक्टिंग स्कूल हैं।

वरिष्ठ पत्रकार सैयद मोहम्मद इरफान जी के कार्यक्रम गुफ्तगू में के के मेनन जी को सुनना बड़ा ही सुखद अनुभव था।उन्होंने बताया था कि कैसे पहले वह एक ऐड एजेंसी के लिए काम करते थे। फिर उन्होंने थिएटर करना शुरू किया और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री की तरफ अपने कदम बढ़ाएं। अपनी स्ट्रगल के दिनों में उन्होंने रूसी साहित्य को भी खूब पढ़ा। फिल्म “Sarkar” में उनका विष्णु का किरदार जो कि राज ठाकरे पर आधारित बताया जाता है सुपर हिट था। उनकी चाल ढाल, उनका गुस्सा, उनके चलने का तरीका किसी भी चीज़ में कोई बनावटीपन नहीं था। ऐसा लग रहा था जैसे विष्णु के किरदार को उन्होंने अपने अंदर ढाल लिया हो।

अभी कुछ वक्त पहले उनकी एक वेब सीरीज भी आई थी जिसका नाम था “Special Ops”। उसमें वह हिम्मत सिंह नाम के किरदार में दिखाई दिए जो कि एक खुफिया एजेंट है और अपने परिवार के लिए फिक्रमंद रहने वाला एक आम इंसान भी।उस वेब सीरीज़ में वह अपने किरदार से मनोज बाजपेई जी के किरदार को कड़ी टक्कर देते दिखाई दिए जिनकी वेब सीरीज “The Family Man” में कुछ इसी तरह का किरदार था।

अंत में सिर्फ इतना ही कहूंगा कि के के मेनन सर को जो बात और अभिनेताओं से अलग करती है वह यह कि वह अपने किरदार को बहुत ही बेहतरीन तरीके से पढ़ना जानते हैं। मानो की अपने किरदार पर कोई गहन शोध किया है। इस वजह से वह भारत के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं और एक बेहद ही अच्छे इंसान भी।

Sarthak Arora

सार्थक अरोड़ा ने विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ से पत्रकारिता के विषय में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है व इस समय गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के विषय में ही अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी कर रहें हैं। किताबें व अखबार पढ़ने में इनकी विशेष रुचि रही है व राजनीति से संबंधित खबरों में बेहद दिलचस्पी रहती है। इससे पहले वे पंजाब केसरी ग्रुप व सोशल वायरल फीवर के लिए कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर चुके हैँ। वर्तमान समय में सार्थक अरोड़ा एक्सप्रेस इंडिया न्यूज़ में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

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