Book Review

जब प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी के चीफ प्रणय रॉय को हैडमास्टर की तरह फटकारा

February 17, 2021

आइए, आप को लिए चलते हैं, साल 2004 के लोकसभा चुनाव में। 2004 के आम चुनाव में भाजपा “शाइनिंग इंडिया” नारे के सहारे अपनी नाव दरिया पार लगाने की तैयारी कर रही थी। चुनाव होता है। साल 2004 अप्रैल महीने की 20 तारीख और मई महीने की 10 तारीख के बीच चार फेज़ में वोटिंग […]

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“बॉलीवुड की रहस्यमई दुनिया से परिचित करवाती है किताब सुपरस्टार की मौत”

November 12, 2020

  मुंबई में बॉलीवुड की जिंदगी को दर्शाती कई सारी फिल्में बनी है। यह फिल्में हमें एक कलाकार की स्ट्रगल और उसकी जिंदगी के अन्य पहलुओं से परिचित करवाती हैं। राइटर स्क्रीन्राइटर राजकुमार सिंह जी ने इस पर किताब लिखने का बीड़ा उठाया है। किताब का नाम है “सुपरस्टार की मौत”। किताब के सार को […]

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Ashfaqulla Khan Jayanti Special: “कल मेरी शादी होने वाली है” बोल फाँसी के फंदे को चूमकर ली थी आखिरी साँस

October 22, 2020

  आज शहीद क्रांतिकारी श्री अशफ़ाक़उल्ला खाँ का जन्मदिन है।शाहजहाँपुर अशफ़ाक़ उल्ला क्रांतिकारी शायर थें। उनका शायर उपनाम हसरत था। उनकी अपनी हसरत देश के लिए कुर्बान होने की ही थी। फाँसी से पहले क्रांतिकारी अशफ़ाक़ का अंतिम शेर था कि- ‘तंग आकर हम उनके जुल्म से बेदाद से, चल दिये सुए अदम जिंदाने फैज़ाबाद […]

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अंत तक पढ़ने को मजबूर करती है मुंबई माफिया की इन ‘रानियों’ की कहानी

September 15, 2020

जब मुंबई माफिया के इतिहास में दाऊद इब्राहिम, अरुण गवली जैसे दहशतगर्दों का नाम लिया जाएगा, तो गंगूबाई काठियावाड़ी, जेनाबाई दारूवाली, आशा गवली जैसी स्त्रियों का भी नाम लिया जाएगा, जिन्होंने जब भी ये दहशतगर्द कानून के रखवालों या विरोधियों के साथ किसी भी मुश्किल में पड़े, इनके धंधे को संभाला और इनके विश्वसनीय साथी […]

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नफ़रत और ज़ुल्म की कहानी बयां करती है हिटलर की जिंदगी

August 11, 2020

इस किताब के बारे में लिखने से पहले एडोल्फ हिटलर की एक कोट “By the skillful and sustained use of propaganda, one can make a people see even heaven as hell or an extremely wretched life as paradise.” दुनिया के आप लगभग सभी तानाशाहों का अध्ययन करें, तो आपको उन सभी में एक चीज़ मुख्य […]

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तिल-तिल कर मर रहे किसानों की कहानी को बयान करती है मंजीत ठाकुर की यह किताब

August 9, 2020

आज के समय में जहां समस्त मीडिया जगत राजनीतिक पार्टियों के पीआर फर्म के तौर पर काम करने लगा है, तो लगता नहीं कि कोई भी मीडिया संस्थान किसानों की समस्याओं को लेकर थोड़ा भी सजग होगा। ऐसे में मंजीत ठाकुर जी जैसे कुछ विरले ही जर्नलिस्ट होते हैं जो लीग से हटकर काम करते […]

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धर्म के ठेकेदारों की पोल खोलता है स्वदेश दीपक जी का यह नाटक

August 8, 2020

प्रभात! कौन-से हाथों की ताकत की गलती लग गई तुम्हें। इस देश के लोग हाथों में लाठी ज़रूर पकड़ते हैं, लेकिन मारने के लिए नहीं, सहारे के लिए। तुम जवान हो। जानता हूँ, तुम्हारे पेट में लाल झंडा उग आया है। कर लो पहले पढ़ाई पूरी! जब नौकरी के लिए हज़ारों रुपयों की रिश्वत देनी […]

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“आज के भारत की कहानी है We Indians”

July 22, 2020

खुशवंत सिंह जी की इस किताब से पहले मैंने ग्रेजुएशन में उनकी किताब ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ पढ़ी थी। उस किताब में बंटवारे का ऐसा दर्दनाक चित्रण था कि मैं कभी-कभी सोचता था कि 15 अगस्त 1947 को आखिर हमने किस आजादी की खुशियां मनाई? उस आज़दी की, जिसमें लाखों मासूम हिंदुओं और मुस्लिमों को मार […]

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