“आज के भारत की कहानी है We Indians”

Share If you like
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

खुशवंत सिंह जी की इस किताब से पहले मैंने ग्रेजुएशन में उनकी किताब ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ पढ़ी थी। उस किताब में बंटवारे का ऐसा दर्दनाक चित्रण था कि मैं कभी-कभी सोचता था कि 15 अगस्त 1947 को आखिर हमने किस आजादी की खुशियां मनाई? उस आज़दी की, जिसमें लाखों मासूम हिंदुओं और मुस्लिमों को मार दिया गया? या फिर उस आज़ादी की जिसमें ना जाने कितने लोगों के घर बार उजड़ गए, औरतों की इज्जत लूटी गई और चारों तरफ कट्टरवादी संगठनों ने खून की होली खेली।

बरहाल अभी हम बात करते हैं खुशवंत सिंह जी की किताब We Indians की। मैं जब खुशवंत सिंह जी को पढ़ता हूं, तो मुझे सादत हसन मंटो की याद आ जाती है। वह इसलिए क्योंकि मंटो की कलम में जो बेबाकी और पैनापन था, वही पैनापन खुशवंत सिंह जी की कलम में दिखाई देता है। इस किताब में मेरा सबसे पसंदीदा चैप्टर “Religion is the opium of masses” है।

धर्म से जुड़े पाखंड और व्यर्थ की औपचारिकताओं पर खुशवंत सिंह जी की कलम बहुत ही धार के साथ चली है। मैं सच कहता हूं धर्म जैसे विषय पर इतने खुले विचार रखने का साहस बहुत ही कम लोगों के पास होता है। अगर खुशवंत सिंह जी आज के समय में ऐसे विचार रखते तो निश्चय ही “एंटी नेशनल” की उपाधि प्राप्त करते।

यौन संबंधों को लेकर भारत के लोगों की संकीर्ण सोच, शराब पर पाबंदी लगने के बाद अवैध शराब के बढ़ते व्यापार जैसे विषयों पर भी खुशवंत सिंह जी ने खूब लिखा है। खुशवंत सिंह जी के बारे में एक और बात जो बहुत ही दिलचस्प लगी और जो सही मायनों में उनको महानतम पत्रकारों की श्रेणी में रखती है वह यह कि अपने विचारों को लेकर उनके मन में रत्ती भर भी खौफ नहीं था।

उदाहरणस्वरूप जब भी उनसे अपनी पसंदीदा भाषा के बारे में पूछा जाता तो उनके मुंह से बिना हिचके “अंग्रेजी” निकलता। जब लोग भौंहें चढ़ा कर उनकी तरफ देखते तो खुशवंत सिंह जी निर्भीक होकर उत्तर देते की हम इंग्लिश जैसी भाषा से नफरत क्यों करते हैं? सिर्फ इसलिए कि वह हम पर शासन कर रहे अंग्रेजों की भाषा है। अगर ऐसा है तो फिर हम संस्कृत और हिंदी जैसी भाषाओं को क्यों अपनाते हैं? वे भाषाएं भी तो बाहर से आए आर्य वंश के लोगों की है।

खुशवंत सिंह जी, आज आप हमारे बीच नहीं है, लेकिन आपका लिखा हुआ हम पत्रकारों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।

Sarthak Arora

सार्थक अरोड़ा ने विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ से पत्रकारिता के विषय में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है व इस समय गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के विषय में ही अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी कर रहें हैं। किताबें व अखबार पढ़ने में इनकी विशेष रुचि रही है व राजनीति से संबंधित खबरों में बेहद दिलचस्पी रहती है। इससे पहले वे पंजाब केसरी ग्रुप व सोशल वायरल फीवर के लिए कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर चुके हैँ। वर्तमान समय में सार्थक अरोड़ा एक्सप्रेस इंडिया न्यूज़ में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *