सेडिशन:बोलने की आज़ादी को कुचलता काला कानून

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यह कितनी शर्म की बात है कि आजाद भारत में भी सेडिशन जैसा कानून खुलेआम पांव पसार रहा है। मौजूदा सरकार के रहते यह कानून अपना सबसे विकराल रूप धारण कर चुका है। अभी कल ही अनूप सिंह पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फेसबुक पर लिखने के लिए सेडिशन लगा दिया गया।यह कोई पहला मौका नहीं है जब बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सेडिशन जैसे कानून का इस्तेमाल किया हो।

टाइम्स आफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार जब से असम में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई हैं तब से सेडिशन के कुल 251 मामले सामने आ चुके हैं। मीडिया वेबसाइट लाइव मिंट पर एक आर्टिकल पब्लिश हुआ था जिसमें यह बताया गया था कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक 2014 में सेडिशन के 47 मामले थे जो कि 2018 में बढ़ कर 70 हो चुके हैं।

इसके अलावा अभी कुछ दिन पहले एक गुजराती वेबसाइट के एडिटर पर, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों पर व तमाम उन लोगों की आज़ाद आवाज़ें दबाने का काम किया जा रहा है,जिनके लफ़्ज़ों में सरकार की नीतियों से विरोधाभास झलकता है।

यह कितना हास्यास्पद है कि जो भारतीय जनता पार्टी ऐसे पुरातन काल के कानून का इस्तेमाल करते हुए हर स्वतंत्र आवाज़ दबा रही है,उसे सुधीर चौधरी,अमीश देवगन व अर्नब गोस्वामी पर हमला होने पर प्रेस की आज़ादी खतरे में नज़र आने लगती है।

यह कितनी अजीब स्थिति है कि पत्रकारिता का इतनी निर्ममता पूर्वक दमन करने के बाद प्रधानमंत्री व उनके मंत्री प्रेस की आज़ादी को खुशी के साथ अपनाने का ढोंग करते हैं। जिन लोगों को यह लगता है कि हम सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने भी सेडिशन जैसे कानून का बेजा इस्तेमाल किया है और आम आदमी पार्टी भी इसी नक्शे-कदम पर चलती दिखाई दे रही है। तो मेरा जवाब है कि मैंने कभी इस चीज़ के लिए मना नहीं किया की सभी राजनीतिक दल सत्ता में आसीन होने के बाद ऐसा ही करते हैं, लेकिन अगर जनता ने इतने भारी मतों से भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने का मौका दिया है, तो वह इसलिए नहीं कि वह बिना किसी डर के जनता के साथ तानाशाह रवैया अपनाए बल्कि इसलिए कि कांग्रेस पार्टी से हटकर एक मिसाल कायम करें और सेडिशन जैसे कानून,जिनका आज़ाद हिंदुस्तान में कोई महत्त्व नहीं है उन्हें जल्द से जल्द खत्म करें।

Sarthak Arora

सार्थक अरोड़ा ने विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ से पत्रकारिता के विषय में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है व इस समय गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के विषय में ही अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी कर रहें हैं। किताबें व अखबार पढ़ने में इनकी विशेष रुचि रही है व राजनीति से संबंधित खबरों में बेहद दिलचस्पी रहती है। इससे पहले वे पंजाब केसरी ग्रुप व सोशल वायरल फीवर के लिए कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर चुके हैँ। वर्तमान समय में सार्थक अरोड़ा एक्सप्रेस इंडिया न्यूज़ में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

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