विपक्ष को आगे कर अपनी गलतियों से बचती भारतीय जनता पार्टी

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साथियों नमस्कार,

साथियों यह कितनी अजीब विडंबना है कि जब सत्ता के हुक्मरानों से मुश्किल हालात नहीं संभल पाते, तो वे विपक्ष को इसका कसूरवार ठहराने लगते हैं और अपनी गलतियों से बचने की एक नाकाम कोशिश करने लगते हैं। नई दिल्ली से उड़ीसा के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कहना था कि उनकी सरकार ने कोरोनावायरस जैसी महामारी से लड़ते हुए बेशक कुछ गलतियां की हो लेकिन विपक्ष ने क्या किया है?

हमें बचपन में एक बार समझाया गया था कि जब हम एक उंगली किसी दूसरे की तरफ उठा रहे हैं तो बाकी तीन उंगलियां खुद ब खुद अपनी तरफ उठती हैं। ठीक ऐसा ही इस समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के साथ है।एक आम नागरिक के तौर पर मेरी समझ से बाहर की बात है कि देश की सबसे बड़ी पार्टी अपनी गलतियों पर आत्म चिंतन करके उनको सुधारने की बजह अपनी हर गलती का ठीकरा हर वक्त विपक्ष के सर क्यों फोड़ती रहती है?
गृह मंत्री अमित शाह और उनकी पार्टी को जरूरत है एक आईने की जो उन को यह दिखा सके कि कैसे उन्होंने और उनकी पार्टी ने कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ने में कुछ नहीं, बहुत सारी गलतियां की है,और अब जब यह बीमारी आज एक विकराल रूप ले चुकी है तो वह अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

भाजपा के हर नेता को आप कोरोनावायरस जैसी महामारी के लिए जमात के लोगों को जिम्मेदार ठहराते दिखेंगे। सही भी है, एक महामारी के बीच किसी सभा के लिए इकट्ठे होने का क्या मतलब बनता था, लेकिन मेरी समझ से बाहर की बात है कि जब जमात के लोग इकट्ठे हो रहे थे तब पुलिस प्रशासन जो कि अमित शाह जी के अंतर्गत ही आता है वह क्या कर रहा था? अगर लॉकडाउन के बीच कोई किसी भी प्रार्थना सभा के लिए इकट्ठा हो रहा है तो प्रशासन को फौरन कार्यवाही करनी चाहिए थी लेकिन प्रशासन चुप रहा ,कोई कार्यवाही नहीं की, अब क्यों नहीं की इसका जवाब अमित शाह जी को देना चाहिए।

दूसरा, जब 30 जनवरी को, हिंदुस्तान में कोरोना वायरस का पहला केस आ गया था, उस समय हर तरह की सावधानियां बरतने की जरूरत थी। उस समय अगर सरकार इस बीमारी को लेकर अतिरिक्त सावधानियां बरतती, इतने बुरे हालात कभी नहीं आते, लेकिन सरकार ने इस बीमारी को नजरअंदाज होने दिया और इसके दूरगामी परिणामों के बारे में सोचने की चेष्टा तक ना की। इस बीच दिल्ली के दंगे हुए, नमस्ते ट्रंप जैसे कार्यक्रम हुए लेकिन सरकार ने एक बार भी इस बीमारी से संबंधित कोई भी कदम उठाने की नहीं सोची।

जनता के फण्ड की जानकारी खुद जनता को नहीं

अगर सरकार की गलतियों की बात कर ही रहे हैं तो पीएम केयर फंड को तो नहीं छोड़ा जा सकता। इस महामारी से निपटने के लिए जब पीएम केयर फंड बनाया गया तो लोगों से अपील की गई कि अपनी क्षमता अनुसार इस फंड में योगदान दें, लेकिन जब पीएम केयर फंड के बारे में जानकारी देने के लिए आरटीआई डाली गई तब एक बहुत टका सा जवाब दिया गया कि पीएम केयर फंड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती क्योंकि वह एक सरकारी अथॉरिटी नहीं है। बड़ी अजीब बात है कि जनता के लिए बनाए गए फंड को लेकर जनता को ही जानकारी नहीं दी जा रही।

कर्नाटका में सरेआम मंत्री अपने बेटे बेटियों की शादियां कराते रहे, भाजपा के नेता खुलेआम लॉकडाउन तोड़ते हुए क्रिकेट मैच खेलने जाते रहे, हिमाचल प्रदेश में पीपीई किट से जुड़ा घोटाला हो गया, और अफसोस पार्टी हाईकमान सिर्फ देखती रही,कुछ नहीं कर पाई।
अब जब चुनाव नजदीक हैं तब हमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह पूरे एक्शन में दिखाई दे रहे हैं और यह बोलते नजर आ रहे हैं कि हमारी सरकार ने ‘कुछ’ गलतियां की हैं, लेकिन विपक्ष ने क्या किया है।

माननीय अमित शाह जी, जनता ने अपना कीमती वोट देकर भारी बहुमत से विपक्ष में बैठी पार्टियों को नहीं, आपकी पार्टी को सरकार में लाने का काम किया है तो जनता विपक्ष से नहीं आप लोगों से काम की उम्मीद करती है। जिन विपक्षी दलों के नेता अपनी पार्टियों को छोड़ छोड़कर आपकी पार्टी में आ रहे हैं उस विपक्ष से हम कुछ उम्मीद भी नहीं करते लेकिन आप लोगों से करते हैं, तो कृपया करके यह लाचारी वाले भाषण छोड़कर काम करें जिससे जनता का आपकी सरकार के ऊपर विश्वास बना रहे, क्योंकि जनता अपने वोट से जिसको सत्ता में लाती है उसे सत्ता से बाहर करना भी जानती है।

Sarthak Arora

सार्थक अरोड़ा ने विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ से पत्रकारिता के विषय में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है व इस समय गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के विषय में ही अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी कर रहें हैं। किताबें व अखबार पढ़ने में इनकी विशेष रुचि रही है व राजनीति से संबंधित खबरों में बेहद दिलचस्पी रहती है। इससे पहले वे पंजाब केसरी ग्रुप व सोशल वायरल फीवर के लिए कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर चुके हैँ। वर्तमान समय में सार्थक अरोड़ा एक्सप्रेस इंडिया न्यूज़ में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

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